UA-149348414-1 बुद्ध एक खोज

 

बुद्ध एक खोज


मैं

स्पार्टा जितना बहादुर

मोहनजोदारो जितना कारीगर,

नहीं हूँ।

मैं

 चंगेज जितना विनाशकारी

अशोक जितना अनुतापी,

सिकन्दर जितना महत्वाकांक्षी

नहीं हूँ।

मेरे वजूद को

इन नैतिक गुणों में न तौला जाए

क्योंकि मेरे अंदर एक सिद्धार्थ बसता है

जो अभी बुद्ध की खोज में है।


By - Kashish Bagi








0 Comments