UA-149348414-1 मैं किसान हूँ - विद्रोही

 मैं किसान हूँ - विद्रोही

नई खेती

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मैं किसान हूँ
आसमान में धान बो रहा हूँ
कुछ लोग कह रहे हैं
कि पगले! आसमान में धान नहीं जमा करता
मैं कहता हूँ पगले!
अगर ज़मीन पर भगवान जम सकता है
तो आसमान में धान भी जम सकता है
और अब तो दोनों में से कोई एक होकर रहेगा
या तो ज़मीन से भगवान उखड़ेगा
या आसमान में धान जमेगा।

_ रमाशंकर यादव "विद्रोही"

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Native name
रमाशंकर यादव 'विद्रोही'
Born3 December 1957
Sultanpur, Uttar Pradesh
Died8 December 2015 (aged 58)
New Delhi, India
Pen nameVidrohi
OccupationPoet, Social Activist
NationalityIndian
Alma materJavaharlal Nehru University

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