UA-149348414-1 कौन है हम?

कौन हैं हम?

Kaun-hai-ham


कौन हैं हम?
और हैं आएं कहा से?
क्या है हमारा ठिकाना?
हंस देते हैं हम,
जो पूछे वो हमसे,
बाते यही ये जमाना.....¡!

गाते है क्यों?
चिल्लाते हैं क्यों हम,)?
बेकार है ये बताना।
हमारे लिए है,
लहू गर्म रखने का
छोटा से ये एक बहाना.....¡!

मगर याद रखना,
लहू की हमारी
जो गर्मी रहेगी यहां पर,
तुम्हे अपने खूँ की
हर एक बूंद में है
उसी से उबाला लगाना.....¡!

आये हैं हम तो,
चले जायेंगे भी,
रह जाएगा ये तराना,
कसम है तुम्हे की,
बाद हमारे ,
तुम भी इसे गुनगुनाना......¡!

【Nasruddeen shah and Piyush Mishra had performed this protest song in their theatre days】

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