UA-149348414-1 मैं क्यों देखूं कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म - SHIKARA

मैं क्यों  देखूं  कश्मीरी पंडितों पर बनी फिल्म - SHIKARA

मैं क्यों  देखूं  कश्मरी पंडितों पर बनी फिल्म - SHIKARA
SHIKARA


                                                            शिकारा(SHIKARA) जो कि कश्मीरी पंडितों के पलायन पर बनी फिल्म है,इस फिल्म से कुछ लोग  किनाराकशी करेंगे और कुछ देखने को उत्सुक होंगे। दोनों के इनकार और उत्सुकता के पीछे उनमें बसने वाला उनका धर्म है।हम दूसरी दुनिया के निवासी हैं तो कुछ अलग बात करते हैं । भले ही इसका ट्रेलर ऐसे समय पर रिलीज किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा पॉपुलर हो । फिर भी मेरी सलाह है कि इसे हर भारतीय को देखनी चाहिए ।हो सकता है कि फिल्म में मसाला और तड़का लगाया गया हो और आप इससे बचना चाहते हों तो आप  #Rahul_Pandita   की किताब   #our_moon_has_blood_clots पढ़िए ।
जो की कश्मीरी पंडितो पर लिखी गयी सबसे विश्वसनीय और प्रसिद्ध किताब है। 

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                                        मेरा दावा है कि आपको ज्यादा सच और तथ्य details के साथ इसमें मिलेगा। अगर आप लेखक के बातों में डूब गए तो शायाद आपको भी उसके हर लफ्ज़ में दर्द और प्रश्न दोनों दिखाई दे,क्योंकि ये मेरा व्यक्तिगत अनुभव है।
                                                                 हम अपने अतीत के सच से नहीं भाग सकते । हमें यह स्वीकार करना ही होगा कि #1947_के_बंटवारे_के_दंगे,1984 का #सिक्खों_का_नरसंहार, #कश्मीरी_पंडितों_का_कत्ल, #2002_के_गोधरा_के_दंगे #बंगाल_के_दंगे जिनका आधार सिर्फ और सिर्फ धर्म ही था। जिसमें ईंधन इंसानी खून था,आग लगाई थी स्त्ता की लालची राजनीति,खून बहाए थे मन्दिर में  जोड़ने वाले और दुआ में  उठने वाले हाथो ने ।
                               हमें अपने इस काले अतीत को बार बार पढ़ना और जानना चाहिए । ताकि हम उस नफरत से अपने आने वाली पीढ़ी को बचा सके। इसलिए ये फिल्म हर भारतीय को जरूर देखनी चाहिए और उसके बाद अपने ज्जबातों व गुस्से का उपयोग अपने आने वाली पीढ़ी को सुधारने में लगा देनी चाहिए। क्योंकि अगर वो गुस्सा नफरत में बदलता है तो जो नफरत अभी आप अपनी पिछली पीढ़ी के करतूतों के कारण किसी पर दिखाएंगे तो सालों बाद वहीं गुस्से से पनपी नफरत आपकी आने वाली पीढ़ी आपकी वर्तमान पीढ़ी को दिखा रही होगी। बस नफरत को सहने और दर्द झेलने वाले किरदार बदल जायेंगे। लेकिन हमारा प्रयास यह होना चाहिए कि नफरत को खत्म किया जाए।
      #एक बागी क्रांतिकारी विचारधारा की कलम से

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